यह चीराग बुझ गई,

लेकिन आपकी होंठों मुस्कान नहीं ला पाई ।।

यह चीराग बुझ गई,

और फिर मन गहरी भाव से रुठ गई ।

निभा ना सका वादा,

वो भी रह गया आधा ।

निभा ना सका भाई का फ़र्ज,

ना तो चूका पाया आपका कर्ज।

नहीं ला पाया एक मुस्कान,

आपकी होंठों पर एक मुस्कान ।

Amiya Ranjan Tripathy